#158 हम तो बे-मोल बिके

हम तो बे-मोल बिके मोहब्बत के बाज़ार में।
ऒर कुछ लोग थे जो अपनी कीमत लगाते रह गये॥
~मयंक

0 thoughts on “#158 हम तो बे-मोल बिके”

    1. Hindi version…hehehe…
      सिर्फ दिल से देखने वाली नज़र चाहिये ।
      वर्ना पत्तथर के टुकङे में किसी को भगवान न दिखते॥
      ~मयंक

Leave a Reply