#284. दिसंबर के महीने ठंड पड़ती हॆ॥

उसका मुझे गले लगाना।
उसका वो आंहे भरना॥
किसी एहसास-ए-गरमी से कम नहीं ।
कॊन कहता हे दिसंबर के महीने ठंड पड़ती हॆ॥
~मयंक

0 thoughts on “#284. दिसंबर के महीने ठंड पड़ती हॆ॥”

Leave a Reply