#324. जिन हाथों में होनी चाहिएं थी किताबें…. (child labour)

जिन हाथों में होनी चाहिएं थी किताबें मेने उन हाथों में पत्थर देखा।।
ऐ ख़ुदा तूने इन बच्चों का कैसा मुक्काद्दर लिखा।।
<3 ©यंक <3

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