#360. द्वेष यंहा हर किसी के सीने में पलता है।

द्वेष यंहा हर किसी के सीने में पलता है।
यंहा हर कोई मूह से ज़हर उगलता है॥
किसी पर भी जल्दी ऐतबार ना किया करो यारों।
जो मुख से ज्यादा मीठा होता है, वो ही यंहा धोकेबाज़ निकलता है॥
<3 #मयंक <3

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