#383. रोज़-रोज़ न मिला करो॥

वो बोले रोज़-रोज़ न मिला करो,
ऐसे मोहब्बत कम हो जाती है।
हमने उन्हें दो पल क्या भुलाया,
कमबख्त हमारी जान चली गई॥
<3 ©मयंक <3

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