#417. मेरे ही नगमे चुराके…

मेरी कलम की कामयाबी उस दिन होगी।
जब वो मेरे ही नगमे चुराकर, मुझपर ही बेवफाई का इलज़ाम लगाएगी॥
♥ ©मयंक ♥

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