#421. किस्मत रूठ जाती है…

कलम का निरंतर उपयोग न हो, तो सिहाई सूख जाती है।
बिन मेहनत किए फल की निष्ठा रक्खो, तो किस्मत भी रूठ जाती है॥
<3 ©मयंक <3

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