शहीद…

Kuch likhne ka dard seene me utha h, pr kalam saath nhi de rhi…
Shayd islie ki abhi main ise likhne k kabil nhi huun…
Kaafi dard bantor rha hu..
May be possible kuch likh paun…
देश के लिए वो जीता है,
देश के लिए वो मरता है,
नेता तो सिर्फ भाषण देते रहते है,
वो बिना हल्ला किए अपना काम करता है॥
जाती धर्म से परे वो अपना कर्त्तव्य निभाता है,
लोगों के भगवान अनेक, केवल  भारत ही उसकी माता है॥
……..
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Kosis jaari h, shayd apna dard kisi din likh sku,
अगर दर्द महसूस ना हो तो,
घाव को नासूर बना दीजिये।
क्या पता आपका काम बन जाए।
<3 ©मयंक <3

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