#492. नज़रों का धोका…

Najron ka dhoka tha ya aaj fir vo
saamne the.
Neend tooti to pta chala ki aaj fir
kismat ne hmare saath mazak kiya h….

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नज़रों का धोका था, या आज फिर वो सामने थे।
नींद टूटी तो पता चला की आज फिर किस्मत ने हमारे साथ मज़ाक किया है॥
<3 mयंक <3

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