#497. कटु वचन…

Kagaz ke Tukde (Degkhone Panree) se Insaan ki Kabiliyat ka Andaza mat lagaya kariye..

Kyunki Panchi ke paas Pankh hone ka ye Tatparye nhi ki vo Udh skta hai…

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किसी कागज़ के टुकड़े (Degree) से इंसान की काबिलियत का अंदाज़ा मत लगाया करिये।
क्यूंकि पंछी के पास पँख होने का तात्पर्य ये नहीं है की वो उड़ सकता है॥ ( ex.- Ostrich)

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