#518.  अधूरी मोहब्बत….


कर ली मैंने मोहब्बत तुमसे,

अब बेटी होने का फ़र्ज़ निभाना है।

आज ये हमारी आखरी मुलाकात थी,

कल मुझे किसी और के घर जाना है।।

💝मयंक💝

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