#522. बेटे होने का फ़र्ज़…

 

कल तक जिसने कंधे पर बिठाया था,

आज उसका हाथ तेरे कंधे पर आया है।

तेरी बारी है बेटे होने का फ़र्ज़ निभाने की,

उसने बाप होने का फ़र्ज़ तो बखूबी निभाया है।।

💝 मयंक 💝

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