#527. व्रत मेरे नाम का… ( Vrat mere name ka)

 

आज मेरे नाम की मेहँदी सजी उसके हाथों में,

आज के दिन मुझसे दूर रहने का गम होगा उसकी आँखों में।

व्रत करवा चौथ का उसने भी रखा है मेरे लिए,

माना कि व्रत वो भी खोलेगी सबकी तरह,

पर उसके दिल में एक कसक रह जाएगी,

की जिससे वो व्रत खोले वो पानी का ग्लास हो मेरे हाथों में।।

💝 मयंक

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