#537 विश्वास का खंज़र… ( Vishwaas Ka Khanzar)


किसी के पास दिल होने का ये मतलब नही की वो दिलदार भी होगा,

क्या पता उसके मीठे बोल की चाशनी में कौनसा ज़हर घुला होगा।

दूरी बनाकर रखिये ऐसे लोगों से,

क्या पता कब आपकी पीठ पर खंज़र घुसा होगा।।

💝©mयंक 💝

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