#542. वो लड़की है, चलो उसे छेड़ा जाए।

आज पूरे देश में एक Video Viral हो गया है।

ऊपर लिखी Line मेरी उस सोच को नहीं दिखाती है जिस बात को कहने जा रहा हूँ, पर क्या करे आज कल हमे आदत हो गई है जो खबर Viral नही होती वो खबर नही होती।

New year की रात एक लड़की अपने घर जा रही थी, 2 लड़के bike पर आए उसके सामने रुके और उसे छेड़ने लगे, फिर उसे धक्का देकर निकल गए।।

ये बात कभी बाहर नही आती अगर CCTV में ये वारदात कैद नहीं होती।।

जो नीचे लिखा है वो भाषा शायद मुझे शोभा नही देती,

पर जिनके लिए लिक्खा है उनकी इतनी ही औकात है।

शायद उस लड़की की मदद कर लिए अब मोर्चा निकलेगा, लोग उसके Support में घर से निकलेंगे, सब झूट है वो लोग बस इसलिए निकलेंगे की Trending Hashtag के साथ अपनी Pic Facebook, Twitter और Instagram पर upload करके Likes पा सके।

क्योंकि जब ये हो रहा था तो लोग थे उस वक़्त वँहा पर, लेकिन किसी ने आगे बढ़कर मदद की कोशिश नही की, शायद उन लोगों का आक्रोश तभी बाहर निकलता है जब कोई निर्भया जैसा कुछ हो जाए।

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ऐसी हरकत करने वालो की सोच शायद कुछ ऐसी ही होती होगी-

वो लड़की है,

चलो उसे छेड़ा जाए।

उसके जिस्म,

उसकी रूह से खेला जाए।

उसे तोड़ा जाए,

उसे मरोड़ा जाए।

उसके मेरे प्रति तस्वीर को तोड़ा जाए।।

वो छोटे कपड़े पहनेगी तो होगा उसका हाल बुरा,

आखिर उसे रात में घर से बाहर निकलने का हक़ कैसे मिला।।

वो जँहा मिलेगी मैं तो उसे छेड़ूँगा,

उसको अपनी वेहषी निगाहों से देखूँगा।।

होगी वो किसी की माँ किसी की बहन।

मेरे लिए तो वो मेरी हवस मिटाने का जरिया है,

जो पहनेगी वो छोटे कपड़े, तो करे मेरे दंस को सहन।।

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पर इन लोगों को मेरा बस यही जवाब है-

वो लड़की है तेरे बाप की जागीर नहीं,

वो एक मोती है, जो तुम जैसे हिंजड़ों को नसीब नहीं।।

उन्हें न सिखा तन को ढकना,

तू अपनी सोच को विशाल कर।

गर दिखे कोई लड़की खतरे में,

तो आगे बढ़ उसकी मदद कर।।

जो आज तू करने की की सोच रहा है कल वो तेरी बहन के साथ हो।

तेरी तो सिर्फ सोच गन्दी है,

क्या पता तेरी बहन के तन से खिंचा दुप्पटा कल किसी और के हाथ में हो।।

मैं नही करता दुआ की जो तेरी सोच है वैसी सोच पर कोई अमल करे।।

बस एक दुआ है रब से इस कीचड़ जैसे मन्न में कोई अच्छी सोच का कमल खिले।।

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क्यों न एक काम किया जाए,

बीच चौराहे पर ला, इनपर पत्थर बरसाए जाए।

बेसहारा छोड़कर इन्हें यूं ही चले जाए।।

शायद तब इन्हें अक्ल आएगी,

दूसरे की बहन में इन्हें अपनी बहन नजर आएगी।।
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गुनाह करने से ज्यादा उसका समर्थन करने वाला दोषी है।

किसी नेता ने एक Line कही थी “लड़को से गलतियाँ हो जाती है”

उसे मेरा एक जवाब-
“ वो लड़की जिंदगी भर सुबक-सुबक कर रोती है,
                 आखिर गलतियाँ लड़कों से ही तो होती है।।”
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11 thoughts on “#542. वो लड़की है, चलो उसे छेड़ा जाए।”

    1. Thanks.. 😊😊
      Bt sirf likh dene se kaam nhi chlta h ldkiyon ka samman jb tk hm nhi krenge tb tk kaam nhi chlega, logon ki soch badlni jaruri h.
      Agr m kisi ek ki bhi soch bdl ska to khud ko khushkismat samjhunga…

    1. 😊😊😊 Thank U…
      Bas likhna maksad nhi h mera logo ke dil me ldkiyon k lie samman paida kr saku to bahut khushi hogi, is smaaj m ab vo samman ki bhawna khatm si hoti ja rhi h

      1. Thank U 😊😊😊
        Chlo is baar tumhara comment gayb nhi hua 😂😂😂
        Is incident ne mujhe andar tk hila dia tha, kaafi gussa aya….bt ye cheezen aam si ho gai h… Or hadd to ye h ki in jesi cheezon ko support krne wale india m bhre pde h…. Km se km 30% log isi soch ko support krne wale honge ki glti ldki ki h…
        Khair rply typ krte hue hi or gussa aa rha h in logon pr…bhagwaan in jeso ko buddhi de…Nd kuch log in jeso ko sabak sikhaae …ki koi fir esa krne ki himmat na kr ske.

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