#543. वो मुझे छोड़ गया…. (Vo mujhe Chod gya..)

​हर रिश्ता कामियाब हो जरुरी नहीं है, आपको सच्चा प्यार हो सकता है, पर जरुरी नहीं की आपको कोई सच्चा प्यार करने वाला मिले। और अगर कोई सच्चा प्यार करने वाला मिल भी जाए तो किसी न किसी की इस प्यारे रिश्ते पर नज़र लग ही जाती है और वो जो कल तक दिल में बस था आज दिल से दिन बताये चला जाता है। पर वो अपनी निशानी इस दिल के हर कोने में छोड़कर जाता है।।

कभी मज़बूरी होती है छोड़ देने की, कभी कोई और रुकावट आती है।

जब सब कुछ अच्छा हो तो, ये कुंडली टांग अड़ाती है।।

हम सबको मनाते है,

अपने रिश्ते की कीमत समझाते है।

पर अक्सर ऐसा होता है,

की किसी गलतफहमी का ठिकाना उसके दिल में होता है।।

ये गलतफहमियां ये शक दीमक की तरह होते है,

इसका खामियाजा रिश्तों के बने घर ढोते है।।

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कुछ कहानियाँ है जो आप लोगों के साथ Share करूँगा, बस आप लोग हमेशा मेरा साथ देना ।😊😊

(Please Note- ये मेरी कहानी नहीं है 😋😋 )

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एक कसक है,

क्या आज भी मुझे कुछ कहने का हक़ है।

छोड़ गई तू मुझे किसी गलतफहमी में,

या आज भी तुझे मुझपर शक है।।


Ek Kasak hai,

Kya Aaj bhi mujhe kuch kahne ka Huq hai..?

Chod gai tu Mujhe kisi Galatfehmi me,

Ya Aaj bhi Tujhe mujhpr Shaq hai…

💝mयंक💝

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