#557. ख़ुशी दो पल की…(Khushi Do Pal Ki…)

दो पल ही सही,

वो करीब तो बैठी थी।

दो पल ही सही,

उसकी वो हसीन मुस्कान तसल्ली से तो देखि थी।।

😄mयंक

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