#561. लड़की हो, पर्दे में रहना सीखो…

खुद की आँखों में हया नहीं है,

और औरतों को पर्दे में रहने का फरमान सुनाते है।।

खुद के मन में मैल छुपा है,

और दूसरे के तन दिखने के बहाने में अपनी हवस छुपाते है।।

कुछ लोग तो बस राय देते है सही कपड़े पहनने की,

और कुछ की ज़ुबान पर घटिया अल्फ़ाज़ आजाते है।।

वो सोचते है कि उनकी लड़की हर चुनोतियों से लड़े,

पर ये नही चाहते की वो मर्दों से आगे बढ़े।।

नारी को अपने पाँव की जूती समझने वाले,

अक्सर ये भूल जाते है।।

की मर्द क्या, भगवान भी धरती पर नारी के गर्भ से होकर आते है।।

💁mयंक

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