#338. साहब ये लोकतंत्र है।।

 

साहब ये लोकतंत्र है।।
एक-दुसरे पर कीचड उछालना इसका मूलमंत्र है॥
धोखा देना इनका प्रमुख काम है।
कुछ भी हो, पर लगती नही इनकी ज़िभिया पर लगाम है॥
सड़क हो या चारा, करना इन्होने गबन है।
लाख हों चाहे हो करोड़, पर भरता नहीं इनका मन्न है॥
पेट है इनका समुन्द्र के भाँती।
इनकी कितनी भी बेइज्जती करो, इन्हें कभी शर्म नही आती॥
साहब ये लोकतंत्र है।।
एक-दुसरे पर कीचड उछालना इसका मूलमंत्र है॥
अपनी साख को खोकर, ये दल बदल लेता है।
इस दुनिया में पैसा ही इनका सिर्फ धर्म पिता है॥
पैंसे को काला करने का हुनर इनको आता है।
सिर्फ यही काम तो है जो इन्हें भाता है॥
कथनी और करनी में अन्तर का उदहारण इनसे अच्छा क्या होगा।
इनके भाषण सुनो तो तुम्हे ज्ञात होगा की इनसे ज्यादा दुःख किसी ने नही भोगा॥
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mयंक

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